थियेटर के नाम पर लोगों को कुछ भी परोसना गलत है। कलाकार वही है जो मंच पर अपने भाव से रस पैदा करे और सामने बैठे दर्शक मंत्रमुग्ध होकर उसका पान करें। अभिनेता केवल अभिनेता नहीं होता, वह एक बाजीगर की तरह होता है, जो मजमे को अपने जादू से बांध देता है। महान नाटककार पीटर ब्रुक भी कहते थे, डोंट एक्ट, प्ले मतलब अभिनय करने की कोशिश मत करो, खेलो। ये बातें आगरा पहुंचे भारतीय मूल के फ्रांसिसी नाटककार व अभिनेता असील रईस ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहीं।