मौसम बार-बार बदल रहा है। ऐसे में अस्थमा-सांस के मरीजों को दिक्कत हो रही है। एलर्जी के साथ सांस फूल रही है। ऐसे मरीज जिन्होंने दवा बंद कर दी है, उनकी परेशानी उखड़ आई है। इस वजह से पुराने मरीजों की संख्या चार गुना हो गई है। बाहर के दूषित भोजन-पेय पदार्थ से उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ओपीडी में 261 मरीज आए। इसमें 54 नए और 207 पुराने मरीज हैं। इनमें एलर्जी मिल रही है। खांसी, बार-बार छींक आना, सांस फूलना और सीने में जकड़न की परेशानी मिल रही है। अस्थमा और सांस रोग मरीजों के दवाएं बंद करने से उनकी परेशानी बढ़ी मिल रही है। 12-15 मरीजों को भर्तीकर ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। ये परेशानी बदले मौसम के कारण हो रही है। मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि गर्मी में लोग बाहर के पेय पदार्थ अधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, फूड प्वाइजनिंग और पीलिया की परेशानी मिल रही है। पसीना अधिक निकलने पर बीपी भी कम मिल रहा है। ऐसे में दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।