आगरा के छावनी क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे करीब 43 हजार लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। छावनी परिषद ने ध्वस्त की गई तीन टंकियों के स्थान पर अंडरग्राउंड पानी की टंकियां तैयार की जाएगी। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। करीब 1.50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। छावनी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए छावनी परिषद ने तीन नए 2.50-2.50 लाख लीटर क्षमता वाले अंडरग्राउंड वाटर रिजर्वायर बनाने की योजना तैयार की है। करीब 1.50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर जलनिगम से परीक्षण कराया जा चुका है और अंतिम अवलोकन के लिए फाइल सीईओ दीपक के पास भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य कराया जाएगा। जलापूर्ति प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि तीनों रिजर्वायर छह माह में तैयार करने का लक्ष्य है। पुरानी जर्जर टंकियों को सुरक्षा कारणों से ध्वस्त किया गया था। बता दें कि जिसके बाद तीन वार्डो में लोग कम जलापूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं। फिलहाल अंडरग्राउंड टैंकों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। छावनी परिषद को जलकल विभाग से प्रतिदिन 6 एमएलडी पानी मिलता है, जिसमें 4 एमएलडी नौलक्खा पंपिंग स्टेशन और 2 एमएलडी छीपीटोला से आता है। इसके लिए परिषद हर माह 25 लाख रुपये का भुगतान करता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पानी का दबाव इतना कम है कि एक बाल्टी भरने में भी काफी समय लग जाता है।