ओरी चिरईया नन्हीं सी चिड़िया अंगना में फिर आ जा रे...। बेटियों के लिए फिल्माया ये गीत साकार हो रहा है। बेटा-बेटी में अंतर की दीवार ढह रही है। बड़ी होकर ये कर्नल सोफिया कुरैशी, दीप्ति शर्मा जैसी बनेंगी। इसी सोच से नन्हीं चिरईयाें की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिले में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या रिकाॅर्ड 952 हो गई है। आने वाले सालों में ये आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।