आगरा में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे होने के बाद भी विवेचक ने महिला आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया। स्टे की बात छिपाकर न्यायिक अभिरक्षा रिमांड की स्वीकृति करा ली। बाद में महिला के अधिवक्ता ने अदालत में आदेश की प्रति देकर सच्चाई बताई। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-8 कन्हैया ने रिमांड निरस्त कर रिहाई के आदेश दिए। साथ ही विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए हैं। मामला थाना एत्माद्दौला में दर्ज पूनम भटनागर सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य आरोपों में प्राथमिकी का है। पुलिस की गिरफ्तारी से पहले पूनम भटनागर को 5 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था।