आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के कलवारी में मां की मृत्यु के बाद करोड़ों रुपये की कृषि भूमि बेचने के मामले में कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी में बना आरोपी पक्ष भी सोमवार को सामने आया। मृतका के बेटे शरद चंद बंसल और तहसील के कातिब गुड्डन सहित अन्य ने प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। दावा किया कि मामले में वर्ष 2023 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब आरोपी पक्ष ही झूठे आरोप लगा रहा है। मामले के अनुसार, थाना जगदीशपुरा में 9 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर न्यू लश्करपुर निवासी कृष्ण कांत गौतम ने प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें फ्रीगंज निवासी शरद चंद बंसल, पुष्कर बंसल, क्रेता शैलेष अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, धीरज कुमार दीक्षित, रजत और गुड्डन कातिब को नामजद किया। आरोप लगाया किया शरद बंसल ने अपनी मां के नाम दर्ज जमीन को बहन को शादीशुदा दर्शाकर दाखिल खारिज करा लिया। इससे पूर्व ही जमीन को कृष्ण कांत गौतम खरीद चुके थे। इसके बावजूद शरद बंसल ने गलत दस्तावेज से दाखिल खारिज करवाकर धोखाधड़ी की। जमीन की कीमत दो करोड़ से अधिक थी। सोमवार को शरद चंद बंसल ने संजय प्लेस स्थित रेस्तरां में प्रेसवार्ता कर दावा किया कि उनकी मां सरला रानी बंसल ने 30 मार्च 2012 की ही उनके नाम जमीन की वसीयत की थी। इसमें वारिस के रूप में उन्हें बनाया गया था। 15 जनवरी 2021 को उनका नाम दर्ज हो गया। दो बहन भी हैं। इनमें से अविवाहित बहन मिलन बंसल ने कृष्णा कांत गौतम और शशिकांत गौतम के नाम जमीन का बैनामा कर दिया जबकि बहन का नाम खतौनी में अंकित नहीं है। जानकारी होने पर शिकायत की। इस पर जांच हुई। जांच में मिलन बंसल, कृष्ण कांत सहित अन्य दोषी पाए गए। थाना शाहगंज में 16 अक्तूबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब वो सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराएंगे।