ताज महोत्सव में शुक्रवार की शाम को शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत महादेव पर आधारित लोक गायन से हुई। इसे पूर्णिमा चतुर्वेदी ने पेश किया। इसके बाद श्वेथा प्रसन्ना ने कुचीपुड़ी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। कन्हैया लाल चतुर्वेदी ने ध्रुपद गायन और नवरस बुंदेली ने जोशीला आल्हा पेश किया। रात में आस्था गिल ने अपनी आवाज का जादू चलाकर दर्शकों के दिल पर राज किया।