श्रावण मास के तीसरे सोमवार को लगने वाले ऐतिहासिक कैलाश महादेव मंदिर के भव्य मेले का आयोजन किया गया। मेले से एक दिन पूर्व रविवार को कैलाश मेले का भव्य उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में धार्मिक उल्लास के बीच भगवान शिव का रुद्राभिषेक और भव्य आरती हुई। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। कैलाश महादेव मंदिर की सबसे खास धार्मिक और ऐतिहासिक विशेषता यहां एक ही जलहरी में विराजमान दो शिवलिंग हैं। मंदिर की यह अनूठी संरचना इसकी पौराणिकता और धार्मिक महत्व को उजागर करती है। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पांच द्वारों से संभलेगी भीड़, मेले में भीड़ को देखते हुए कैलाश मंदिर में प्रवेश और निकासी की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। मंदिर के पांच द्वारों में से एक द्वार कांवरियों के प्रवेश के लिए रखा, जबकि दो द्वार निकासी और दो द्वार दर्शनार्थियों के प्रवेश के लिए निर्धारित किए गए । इससे कांवरियों और सामान्य श्रद्धालुओं की आवाजाही अलग-अलग रही।