जिस एथलीट के कदम कभी ट्रैक पर देश के लिए मेडल जीतने को दौड़ते थे, वही कदम मंगलवार रात पुलिस की गोली और हथकड़ियों में जकड़ गए। एकतरफा प्यार की सनक ने राष्ट्रीय स्तर के उभरते खिलाड़ी, पुलिस दरोगा के बेटे अभिषेक को अपराध की राह पर ला खड़ा किया।
मंगलवार देर रात शिकोहाबाद पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी अभिषेक और उसका साथी सौरभ पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनके दो अन्य साथी बाबू और राम कुमार को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
दरअसल, सोमवार रात शिकोहाबाद क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक जिम सेंटर पर पथराव और फायरिंग की सनसनीखेज घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस को मंगलवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी गांव छीछामई के पास नहर पटरी पर मौजूद हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अभिषेक और सौरभ घायल हो गए।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि अभिषेक 100 और 200 मीटर का राष्ट्रीय स्तर का एथलीट रह चुका है और कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है। उसके पिता पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर तैनात हैं। करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात आगरा के ताजगंज इलाके की एक युवती से हुई थी, जो मूल रूप से अरांव, फिरोजाबाद की रहने वाली है। दोस्ती के बाद अभिषेक उससे शादी करना चाहता था, लेकिन चार महीने पहले दोनों के बीच संबंध बिगड़ गए।
आरोप है कि इसके बाद अभिषेक ने युवती की तस्वीरें वायरल कर दीं, जिस पर युवती ने 25 अक्तूबर 2025 को ताजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद भी अभिषेक की हरकतें नहीं रुकीं। 14 दिसंबर को उसने आगरा के सिकंदरा इलाके में युवती के मामा के साथ मारपीट की, जिसमें सिकंदरा थाने में भी केस दर्ज हुआ था।
लगातार मिल रही धमकियों और घटनाओं से परेशान होकर युवती अपने परिवार के साथ आगरा छोड़कर अरांव थाना क्षेत्र के गांव में रहने चली गई थी। सोमवार रात अभिषेक अपने साथियों के साथ युवती के गांव पहुंचा और वहां फायरिंग की। बाद में उसे पता चला कि युवती के पिता शिकोहाबाद में हैं, जिसके बाद वह शिकोहाबाद पहुंचा और युवती के ममेरे भाई की जिम पर फायरिंग और पथराव की घटना को अंजाम दिया। गनीमत रही कि इस दौरान युवती के पिता का आमना-सामना अभिषेक से नहीं हुआ, अन्यथा बड़ी वारदात हो सकती थी।
शिकोहाबाद और अरांव में हुई फायरिंग की घटनाओं ने आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता पहले ही फोटो वायरल करने और मारपीट के मामलों में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी थी। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो इस वारदात को रोका जा सकता था।
एसएसपी सौरभ दीक्षित के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, दो खोखा कारतूस और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। घायल आरोपियों का इलाज जारी है और सभी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।