देश के बड़े हीरा कारोबारी की 9 साल की बेटी सबकुछ छोड़कर संन्यासी बन गई है। दुनिया की मोहमाया से दूर हो गई है। जिसने भी ये सुना दंग रह गया। देवांशी ने धार्मिक शिक्षा में महारथ हासिल कर ली। धार्मिक शिक्षा पर आधारित क्विज में उसने गोल्ड मडल जीता । हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, जारवाड़ी और गुजराती भाषाओं में उसने महारथ हासिल कर ली।