जनजातीय क्षेत्र लाहौल की परिक्रमा के लिए राजा घेपन और माता देवी बोटी के रथ सज गए हैं। 21 अक्तूबर को तिनन और खंगसर गांव के समीप गुंचलिंग में देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन होगा। 22 अक्तूबर को देवलोक नजारे को देखने के लिए घाटी के हजारों लोगों की भीड़ उमड़ेगी। शुक्रवार को देवता राजा घेपन, देवी बोटी के साथ शुलिंग गांव के देवता मोगर, रालिंग के देवता ड्राबला, खले के देवता लुंगखोरबल, ट्रिलिंग के देवता शलवर, गोंधला के देवता मेलंग तेते, सक्कर के देवता नागराजा का रथ सज गया है। देवलोक का नजारा देखने से पूर्व राजा घेपन का शाशिन गांव में अपनी मां जंगड्रुल से मिलन होगा। माता केवाग गांव से आएंगी। मिलन के बाद राजा घेपन मां को लाहौल की परिक्रमा में साथ ले जाते हैं। राजा घेपन की इस परिक्रमा में देवी बोटी भी साथ निकलेंगी।