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संजौली मस्जिद मामले में गरजे हिंदू संगठन, प्रशासन ने मांगों पर जताई सहमति, देखें वीडियो

Krishan Singh Updated Fri, 21 Nov 2025 01:59 PM IST

संजौली में विवादित मस्जिद का विवाद थम नहीं रहा है। शुक्रवार को देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली में नारेबाजी किया। प्रशासन ने समिति की मांगों पर सहमति जताई है। एफआईआर वापस लेने के साथ मस्जिद का बिजली पानी काटने पर सहमति बनी। हालांकि, समिति पदाधिकारी आज की बिजली-पानी काटने की मांग पर अड़े रहे। इस दाैरान जमकर नारेबाजी भी हुई। करीब 10 मिनट तक चक्का जाम भी हुआ। हालांकि, कुछ देर बाद प्रदर्शन को खत्म कर दिया गया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। समिति के पदाधिकारी पिछले तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। समिति की मांग है कि नगर निगम कोर्ट और जिला अदालत की ओर से अवैध घोषित किए जा चुके विवादित ढांचे का बिजली-पानी का कनेक्शन काटा जाए और यहां पर नमाज सहित अन्य सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा पिछले हफ्ते मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जाने वाले लोगों का रास्ता रोकने के मामले में दर्ज की गई एफआईआर को भी समिति ने वापस लेने की मांग की है। वहीं समिति के पदाधिकारियों से प्रशासन की ओर से कोई बातचीत नहीं करने पर भी नाराजगी जताई। देवभूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि सरकार शांतिपूर्वक प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। इसको देखते हुए समिति के साथ ही प्रदेश के विभिन्न हिंदू संगठनों के लोगों ने आंदोलन का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने दी जाएगी। आमरण अनशन पर बैठे समिति के सह संयोजक मदन ठाकुर ने अब भोजन के साथ ही जल का भी त्याग कर दिया है। मदन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार, नगर निगम शिमला और प्रशासन सनातन विरोधी कदम उठा रहा है। वहीं संजौली मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने बताया कि जिला अदालत के फैसले के खिलाफ वह प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायरे कर रहे हैं। इसको लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

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