भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को हिमाचल विद्रोही कहना उनकी बौखलाहट और असंयमित भाषा का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मंत्री के हालिया वक्तव्यों से प्रतीत होता है कि वे मानसिक संतुलन खो चुके हैं और समय-समय पर इसी प्रकार की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते रहते हैं। उन्होंने सलाह दी कि मंत्री विपक्ष की चिंता छोड़कर सरकार चलाने और जनता की सेवा पर ध्यान दें। जमवाल ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान के विषय पर सदन में तीन दिन विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपना पक्ष रखा और यह पूरा रिकॉर्ड का हिस्सा है। भाजपा ने कभी यह नहीं कहा कि ग्रांट बंद होनी चाहिए थी, बल्कि प्रश्न यह है कि यह बंद क्यों हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्त आयोग के सामने अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही और उसी का परिणाम यह स्थिति बनी।