राजधानी शिमला के सांगटी और चैडविक क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीपीसीबी) ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के विद्यार्थियों के सहयोग से इस पहल को अंजाम दिया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों ने स्थानीय क्षेत्रों में सफाई की। इस दौरान आसपास बिखरे कचरे को एकत्र किया गया और लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने का संदेश दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे का उचित निस्तारण करने के महत्व के बारे में जागरूक किया। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। विद्यार्थियों की सहभागिता के माध्यम से युवाओं को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने और समाज में स्वच्छता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।