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एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने पत्रकार वार्ता कर डीजीपी पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए क्या बोले

Krishan Singh Updated Sat, 24 May 2025 01:40 PM IST

हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले की जांच में प्रदेश मुख्यालय अधिकारियों व शिमला जिला पुलिस अधिकारियों के बीच चल रही अंतर्कलह अब सबके सामने आ गई है। मामले को लेकर प्रदेश पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा की ओर से कोर्ट में दायर किए गए हलफनामे पर सवाल उठाने के बाद एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता कर कई गंभीर आरोप लगाए। संजीव गांधी ने कहा कि 25-26 वर्षों का मैंने ईमानदारी भरा अपना पुलिस कॅरियर तपस्या की तरह लगाया है। अगर कोई मेरी इस ईमानदारी व प्रोफेशनल अखंडता पर सवाल उठाता है तो मैं पुलिस का पद छोड़ना पसंद करूंगा। इसलिए हमारी एसआईटी इस मामले को दोबारा अदालत में लेकर जाएगी। जो हमने जांच की है, उसे सुरक्षित करवाना चाहते हैं ताकि विमल नेगी को न्याय मिल सके। गांधी ने आगे कहा कि शिमला पुलिस ने सीआईडी में एक जांच की गई थी, लेकिन इसका एक गुप्त पत्र को चुराकर पुलिस महानिदेशक के निजी स्टाफ की ओर से लीक करवाया गया था। इस संबंध में एफआईआर पंजीकृत हुई थी। इसमें पुलिस महानिदेशक का निजी स्टाफ संलिप्त है। इसकी जांच चल रही थी, लेकिन इसे बाधित करने के लिए उन्होंने अनेक प्रयास किए। यही नहीं जिला शिमला पुलिस को कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें पुलिस महानिदेशक के आचरण को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। कुछ दिन पहले शिकायत प्राप्त हुई कि पुलिस महानिदेशक ने सीआईडी में रहते हुए एक जूनियर अधिकारी पर दबाव बनाकर एक रिपोर्ट तैयार करवाई और कोर्ट को गुमराह किया। गांधी ने कहा कि उनके कार्यकाल में पिछले ढाई साल से चिट्टा तस्करी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया है। इसमें ये सामने आया है कि एक संजय भूरिया नामक गैंग में डीजीपी के निजी स्टाफ का कर्मचारी संलिप्त पाया गया है।

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