हार्मोनी ऑफ द पाइन्स से जुड़ी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। बयान में कहा गया कि यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बयान में गुड़िया प्रकरण से जुड़े सूरज की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले का भी उल्लेख किया गया। आरोप लगाया गया कि उस मामले में सरकारी गवाह को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है, जो चिंताजनक है। बयान में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा गया कि पुलिस तंत्र पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।