हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का दो दिवसीय संगठनात्मक महामंथन शनिवार से राजधानी शिमला स्थित राजीव भवन में शुरू हुई। जनरल हाउस की इस महत्वपूर्ण बैठक में हाल ही में संपन्न पंचायत चुनाव के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि हिमाचल मंत्रिमंडल में खाली पद को भरने व बदलाव की कोशिश की जाएगी। इसी पर चर्चा के लिए धर्मशाला में प्रस्तावित बैठक में हाईकमान से कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल आने वाले हैं। कहा कि नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के साथ संगठन की आगामी रणनीति तय करेंगे। रविवार को सभी अग्रणी संगठनों के प्रमुखों साथ बैठक होगी। इसके बाद धर्मशाला में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल सभी राजनीतिक मामलों की समितियों के साथ बैठक करेंगे। हालांकि, अभी इसकी अंतिम तिथि तय नहीं है। किन्नाैर जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्ति पर हुए विवाद पर पाटिल ने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी व निगम भंडारी को आमने-सामने बिठाकर मतभेद दूर किए जाएंगे। दोनों को समझाया जाएगा। राम मंदिर चंदा विवाद पर कहा कि भाजपा ने कहा था कि हमने राम को लाया है। अगर भाजपा ने श्रीराम को लाया है तो राम का चंदा कहां गया। कहा कि चंदाखोरी मामले पर बैठक में आंदोलन आगामी रणनीति तय होगी। सबसे अपनी-अपनी हैसियत से राममंदिर के लिए चंदा दिया था, लेकिन जिस तरह से इसका दुरुपयोग किया गया, उसके लिए कठिन से कठिन कार्रवाई होनी चाहिए और इसकी जड़ तक जाना चाहिए। इस दाैरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य समेत विधायक भी मौजूद रहेंगे। बैठक में पंचायत चुनावों के दौरान मिले जमीनी फीडबैक के आधार पर संगठन की मजबूती और कमजोरियों पर विस्तार से चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए प्रभावी चुनावी रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर देगा। आम सभा के दूसरे दिन महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, अनुसूचित जाति विभाग और अल्पसंख्यक विभाग सहित सभी अग्रणी संगठनों की अलग-अलग बैठकें होंगी। प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा ने बताया कि यह दो दिवसीय मंथन आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।