राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर कर गाॅथिक हॉल में संतोष नायर एंड ग्रुप की समकालीन नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को जंगल के जीवन का अनुभव मंच के माध्यम से दर्शाया। इसमें यह कला लय और अनुभवों को दिखाती है जो पारंपरिक मयूरभंज छऊ की दमदार नृत्य शैली से प्रेरित है। इसके साथ ही इस दौरान गुलजार हुसैन और मोहम्मद उमर की वायलिन और सितार वादन की प्रस्तुति ने भी दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।