हिमाचल प्रदेश के शिमला से सटे कुफरी में शुक्रवार को प्रदेश के पहले डॉप्लर वैदर रडार का शुभारंभ किया गया। अभी तक पटियाला के रडार से ही प्रदेश में मौसम का पूर्वानुमान तय होता था। प्रदेश में ही यह सुविधा मिलने से मौसम विज्ञान केंद्र शिमला को बड़ी मदद मिलेगी। वर्तमान में कुफरी में स्थापित रडार दो सप्ताह की अवधि के लिए परीक्षण मोड था, इसके बाद रडार से मौसम पूर्वानुमान के लिए डाटा उपलब्ध होना शुरू हो जाएगा। यह सभी दिशाओं में 100 किमी के मौसम डेटा का अवलोकन और उपलब्ध करवाएगा, जिसका उपयोग पूर्वानुमान के उद्देश्य के लिए किया जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि यह रडार पूरी तरह से स्वचालित है और इसकी कार्यप्रणाली कम्प्यूटरीकृत कार्यक्रम आधारित है।