20 भादो के अवसर पर सोमवार को समुद्रतल से 10,500 फीट ऊंची सरयोलसर झील में माता बूढ़ी नागिन घियागी ने शाही स्नान किया। लाव लश्कर के साथ माता अपने देवालय घियागी से करीब 15 किलोमीटर पैदल सरयोलसर पहुंची। माता के साथ श्रद्धालुओं ने भी आस्था की डुबकी लगाई है। सोमवार सुबह पौ फटते ही माता ने झील में देव विधि और मंत्रोच्चारण के साथ स्नान किया। इसे पहले माता ने सरयोलसर पहुंचकर एक किलोमीटर के दायरे में फैली माता की झील के चारों और परिक्रमा की। माता देेवता श्रृंगाऋषि और खुडीजल की पवित्र स्थान पर भी गई।