हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को सदन में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही हंगामा हो गया। 11 बजे शुरू हुई बैठक में प्रश्नकाल घोषित होने से पहले ही कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू खड़े हो गए। उन्होंने सत्र के पहले दिन हुई घटना पर कहा कि भाजपा के सदस्यों ने ही माहौल को ऐसा बनाया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष और अन्य कांग्रेस विधायकों के निलंबन को खत्म करने का अनुरोध किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने भी इस घटना के लिए संसदीय कार्य मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष को भी बराबर का कसूरवार ठहराया। इस पर पहले संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उल्टा कांग्रेस के व्यवहार पर पलटवार किया। उन्होंने इसे निंदनीय बताया। भारद्वाज ने बगैर शर्त के माफी मांगने को कहा। नोकझोंक करीब 55 मिनट तक चली। विक्रमादित्य सिंह उपाध्यक्ष हंसराज की सीट तक आए तो इन दोनों में भी तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद प्रश्नकाल घोषित हुआ तो विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। इसके बाद करीब पांच मिनट के लिए प्रश्नकाल बगैर विपक्ष के ही चलता रहा।