भरतपुर नगर निगम द्वारा बुधवार सुबह फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने शहर में तनाव का माहौल बना दिया। नगर निगम की इस कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित व्यापारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए उनकी प्रतीकात्मक अर्थी सजाई। हालांकि, पुलिस की समझाइश के बाद शवयात्रा स्थगित कर दी गई।
नगर निगम की टीम ने सुबह छह बजे से बिजलीघर चौराहे से कुम्हेर गेट तक फुटपाथ पर रखे व्यापारियों के सामान को हटाने की कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर से फुटपाथ पर रखे सामान को तोड़ा गया और जब्त कर लिया गया। कुछ सामान जिसे चेन से बांधा गया था, उसे भी तोड़ दिया गया। नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई शहर के सौंदर्यीकरण के लिए की जा रही है।
व्यापारियों ने लगाया आरोप
व्यापारियों ने नगर निगम पर बिना सूचना के कार्रवाई करने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। कपड़ा व्यापारी दाऊ दयाल ने कहा, नगर निगम ने कोई नोटिस नहीं दिया। यह कार्रवाई व्यापारियों के उत्पीड़न की श्रेणी में आती है। व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से पहले प्रशासन ने संवाद स्थापित करने की कोशिश नहीं की, जिससे उनका व्यापार पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।
व्यापारियों का विरोध और आमसभा की तैयारी
व्यापारियों ने विरोध स्वरूप बाजार बंद कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एक व्यापारी ने कहा, व्यापार पहले से ही मंदा है। ऊपर से इस तरह की कार्रवाई से हमारा जीवन यापन मुश्किल हो गया है।
नगर निगम का पक्ष
नगर निगम अधिकारियों ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए इसे अतिक्रमण हटाने और शहर को व्यवस्थित बनाने की पहल बताया। अधिकारियों के अनुसार, यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के तहत किया गया है।
शहर में तनाव का माहौल
इस घटना के बाद शहर के व्यापारी वर्ग में भारी असंतोष देखा जा रहा है। बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी समस्याओं को नहीं सुनता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि व्यापारियों और प्रशासन के बीच संवादहीनता ने समस्या को बढ़ा दिया है। नगर निगम को व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।