राजस्थान में भजनलाल सरकार सुशासन लाने की जद्दोजहद कर रही है। लेकिन कुछ विभागों के अधिकारी और कर्मचारी ऐसे लापरवाह हैं कि उस पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक को मोटी तनख्वाह सिर्फ इसी वजह से देती है कि विभागीय कार्य समय पर और त्वरित गति से हो। लेकिन अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर न तो दफ्तर पहुंच रहे हैं। अफसरों की लेटलतीफी पर नकेल कसने के लिए भजनलाल सरकार का प्रशासनिक सुधार विभाग लगातार नकेल कसने की कोशिश कर रहा है।
बता दें कि सोमवार को टोंक में प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम ने अलसुबह सरकारी दफ्तरों में छापेमारी कर अधिकारी, कार्मिकों के उपस्थिति रजिस्टर जब्त कर लिए। प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम ने कार्रवाई कर नगर परिषद, विद्युत विभाग, तहसील कार्यालय सहित सभी दफ्तरों में छापेमारी की। इस दौरान 35 फीसदी अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
प्रशासनिक सुधार विभाग के उप शासन सचिव रमेश परेवा ने बताया कि सभी विभागों के रजिस्टर जब्त किए गए हैं। अब विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर दी जाएगी। साथ ही जिला कलेक्टर को भी एक लेटर दिया जाएगा, जिसमें तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट दी जाएगी। उसके बाद विभागीय का कार्रवाई भी होगी। आपकों बता दें कि इससे पहले भी कई बार प्रशासनिक सुधार विभाग ने छापेमारी कर कई दफ्तरों के उपस्थिति रजिस्टर जब्त किए थे। लेकिन लापरवाह अफसरों की मनमौजी और कार्मिकों की लेटलतीफी लगातार जारी है।