सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां पुलिस और खुफिया एजेंसियों की बड़ी चूक उजागर हुई है। जांच अभियान के दौरान खंडेला पुलिस को लगभग तीन दर्जन अवैध रूप से भारत में प्रवेश किए हुए बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी का पता चला। ये सभी लोग बिना किसी वैध दस्तावेज के राजस्थान की सीमा में दाखिल हुए थे और स्थानीय ईंट भट्ठों पर मजदूरी कर रहे थे।
जैसे ही पुलिस ने इलाके में दबिश दी, अधिकांश बांग्लादेशी भागने लगे और खेतों की ओर दौड़ लगा दी। पुलिस ने पीछाकर कई को धर दबोचा, वहीं कुछ लोग पास के जंगलों में भागने में कामयाब रहे। पकड़े गए बांग्लादेशियों से जब पूछताछ की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने कबूल किया कि वे बगैर किसी वैध कागज के भारत में घुसे थे और महीनों से खंडेला इलाके में मजदूरी कर रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन सभी का न तो पुलिस ने कभी सत्यापन किया और न ही किसी खुफिया एजेंसी को इसकी भनक लगी।
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यह मामला पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। इतनी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों का बगैर किसी रोकटोक के राज्य में प्रवेश करना और महीनों तक मजदूरी करना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से इन बांग्लादेशियों को शरण और काम मिला हुआ था।
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मामला उजागर होने के बाद स्थानीय पुलिस अब लीपापोती में जुट गई है। वहीं, फरार बांग्लादेशियों की तलाश के लिए जंगलों और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सीकर जिले में खंडेला के अलावा और भी कई स्थानों पर बांग्लादेशी लोगों के होने की संभावना जताई जा रही है वहीं अब इस घटना के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।