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Sawai Madhopur: रणथंभौर में टाइगर शावक ने पेड़ पर दिखाया खेल, सैलानी हुए दंग

Thu, 15 Jan 2026 07:01 PM IST
सवाई ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर: रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में देशी-विदेशी सैलानियों को इन दिनों वाइल्डलाइफ के कई हैरतअंगेज नजारे देखने को मिल रहे हैं। जिन्हें देखकर सैलानी खासा रोमांचित हो उठते हैं और अपने कैमरों में कैद कर लेते हैं। ऐसा ही एक नजारा मंगलवार शाम की सफारी के दौरान देखने को मिला।

रोमांचित हुए सैलानी
मंगलवार को टाइगर सफारी के लिए जोन नंबर चार में पहुंचे सैलानियों को मलिक तालाब के पास एक टाइगर शावक पेड़ पर चढ़ा हुआ दिखाई दिया। शावक की अठखेलियों को देखकर सैलानी रोमांचित हो गए। वहीं, उसी क्षेत्र में बाघिन रिद्धि और उसके दूसरे शावक का भी दीदार हुआ। शावक पेड़ पर करीब 10 मिनट तक चहल-कदमी करता रहा और फिर छलांग लगाकर जमीन पर उतर गया। यह नजारा देखकर सैलानी बेहद उत्साहित हुए।

वाइल्डलाइफ ट्रेनिंग दे रही बाघिन टी-124 रिद्धि 
रणथंभौर की बाघिन टी-124 रिद्धि वर्तमान में अपने युवा शावकों को जंगल में जीवनयापन के लिए वाइल्डलाइफ ट्रेनिंग दे रही है। इस ट्रेनिंग में शिकार करना, अन्य हिंसक वन्यजीवों से बचाव करना और जंगल में स्वतंत्र जीवन बिताने की कला शामिल है। इसी प्रक्रिया का हिस्सा था कि शावक पेड़ पर चढ़ा।

पेड़ पर चढ़ना ट्रेनिंग का हिस्सा 
विशेषज्ञों के अनुसार शावक का पेड़ पर चढ़ना उसके जंगल में जीवन यापन की ट्रेनिंग का हिस्सा है। छोटे शावक हल्के होते हैं, इसलिए वे आसानी से पेड़ पर चढ़ जाते हैं। जैसे-जैसे उनका वजन बढ़ता है, पेड़ पर चढ़ना बंद हो जाता है।

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 7 वर्ष की है बाघिन रिद्धि
जानकारी के अनुसार, बाघिन रिद्धि की उम्र लगभग 7 वर्ष है। वह वर्ष 2018 में जन्मी और रणथंभौर की प्रसिद्ध बाघिन टी-84 एरोहेड की बेटी है। रिद्धि का विचरण क्षेत्र जोन नंबर तीन और चार में है। अब तक बाघिन दो बार मां बन चुकी है। उसके दूसरे लीटर में दो शावक हैं, जिनकी उम्र लगभग ढाई साल है।

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