राजस्थान में मानसून की एंट्री के साथ ही शुक्रवार को कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। राजधानी जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, सीकर, दौसा और बूंदी सहित कई इलाकों में सुबह से रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। मौसम विभाग ने राज्य के 28 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर में दोपहर करीब 1:30 बजे आसमान में घने बादल छा गए और अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। मानसरोवर इलाके में बारिश के दौरान एक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। इस कारण करीब 15 फीट गहरा और 60 फीट लंबा गड्ढा बन गया, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। गोपालपुरा बाईपास स्थित टीएन मिश्रा मार्ग और गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के पास सड़क धंसने की घटना ने नगर नियोजन और जलापूर्ति विभागों की लापरवाही को उजागर कर दिया। इस मामले में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अभियंताओं के बीच जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। JDA के अधीक्षण अभियंता दीपक माथुर ने PHED पर आरोप लगाया कि पानी की लाइन फटने के कारण सड़क धंसी है। वहीं, PHED के एईएन ने दावा किया कि सड़क निर्माण में तकनीकी खामी के चलते बारिश का पानी नीचे गया और कटाव के कारण सड़क बैठ गई।
PHED के अधिकारियों ने जानकारी दी कि टूटी हुई पाइपलाइन को जल्द ठीक कर दिया जाएगा। इसके बाद JDA द्वारा सड़क की मरम्मत शुरू की जाएगी, जिसमें करीब दो दिन का समय लग सकता है। तब तक यह मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा, जयपुर के एमआई रोड, टोंक रोड, जगतपुरा अंडरपास, मानसरोवर और गोपालपुरा सहित कई हिस्सों में जलभराव से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लोग घंटों तक फंसे रहे।
सीकर के पलसाना कस्बे में दोपहर 2:10 बजे हुई तेज बारिश से कुमावतों का मोहल्ला, वार्ड-14 जलमग्न हो गया। वहां एक बाइक तेज बहाव में बह गई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं कोटा में जलस्तर बढ़ने पर बैराज का एक गेट खोलना पड़ा।