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Rajasthan Weather: राजस्थान में बारिश के बाद मौसम ने ली करवट, कई इलाकों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस

अंशिका गुप्ता Updated Sat, 11 Apr 2026 11:48 AM IST

राजस्थान में अप्रैल की शुरुआत में हुई झमाझम बारिश के बाद अब मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश में एक बार फिर गर्मी ने दस्तक दे दी है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि आने वाले दिनों में इसके 40 डिग्री के आंकड़े को पार करने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हाल ही में हुई बारिश का असर अब खत्म हो चुका है, जिससे गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।

प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान बाड़मेर में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान सीकर के फतेहपुर में 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। इसके चलते बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और आसपास के इलाकों में गर्म हवाएं चलने और लू जैसे हालात बनने की आशंका है। वहीं जयपुर, जोधपुर, अजमेर और कोटा संभाग में भी तेज गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

हालांकि 11 अप्रैल को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फलोदी और चूरू के आसपास हल्के बादल छाने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने, सिर ढककर रखने और अधिक मात्रा में पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इस दौरान डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

दूसरी ओर, किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। खुले में रखी फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।  खुले आसमान में पककर तैयार खड़ी फसलों, कृषि मंडियों और अनाज मंडियों में खुले में रखे अनाज और जिंसों को ढककर रखने या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि बारिश की संभावना कम है, लेकिन हल्के बादल या बूंदाबांदी से नुकसान से बचने के लिए ये एहतियात जरूरी बताया गया है। साथ ही तेज धूप और गर्म हवाओं से फसल की गुणवत्ता प्रभावित न हो, इसके लिए समय पर कटाई और भंडारण करने की सलाह दी गई है।कुल मिलाकर, राजस्थान में अब गर्मी का दौर तेज होने जा रहा है और आने वाले दिनों में लोगों को बढ़ती तपिश के लिए तैयार रहना होगा।

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