राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में हालांकि अभी तक कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है लेकिन दौसा से दीनदयाल बैरवा को मैदान में उतारने का संकेत दे दिया है लेकिन उधर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर पद से VRS लेकर हरिकेश मीणा ने कांग्रेस से अपना नामांकन दाखिल करने के लिए तैयार बैठे हैं। ऐसे में अब पार्टी में पसोपेश बढ़ने लगी है।
दौसा से विधायक मुरारीलाल मीणा के सांसद बनने के बाद खाली हुई दौसा सीट पर भाजपा ने पिछले सप्ताह ही राजस्थान सरकार के मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को टिकट दिया है लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
दौसा से कांग्रेस का टिकट लेने के लिए दर्जनों उम्मीदवारों की लाइन लगी है, भीतर खाने बताया जा रहा है कि कई टिकट चाहने वालों को दौसा सांसद का आशीर्वाद भी प्राप्त है। अब यदि भाजपा यहां से मीणा उम्मीदवार को चुनावी समर में नहीं उतारती तो शायद कांग्रेस का टिकट भी पिछले सप्ताह ही खुल जाता लेकिन सामान्य सीट पर भाजपा ने मीणा को टिकट देकर कांग्रेस और मतदाताओं को चौंका दिया है, इसका असर यह हुआ कि कांग्रेस का टिकट अब तक भी फाइनल नहीं हो पाया है।
यहां से कांग्रेस प्रत्याशी के बारे में बात की जाए तो कल से पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता डीसी बैरवा का टिकट कंफर्म बता रहा है लेकिन पार्टी ने इस बारे में कोई बात नहीं कही है। उधर चुनाव लड़ने के नाम पर पीडब्ल्यूडी विभाग के चीफ इंजीनियर पद से वीआरएस लेकर आए हरिकेश मीणा का कहना है कि मैंने आज कांग्रेस पार्टी से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है और चुनाव भी लडूंगा क्योंकि मेरा वीआरएस चुनाव लड़ने की शर्तों पर मंजूर किया गया है।
यदि दीनदयाल बैरवा की बात करें तो कल से ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है लेकिन आधिकारिक तौर इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई है। इधर स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेकर चुनाव लड़ने आए हरिकेश मीणा नामांकन दाखिल करने को तैयार बैठे हैं। अब बड़ा सवाल है कि यदि डीसी बैरवा का नाम कांग्रेस टिकट के लिए फाइनल है तो फिर क्यों पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर रहे हरिकेश मीना को स्वैच्छिक रिटायरमेंट क्यों दिलवाया गया। बहरहाल जब तक कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती तब तक कयास लगाए जाते रहेंगे।
दौसा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट के इंतजार