दौसा बोरवेल हादसे में मासूम आर्यन की मौत के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए दौसा जिला प्रशासन ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसके बाद उम्मीद है कि दौसा फिर किसी मासूम आर्यन के साथ इस तरह का हादसा न हो।
दरअसल दौसा जिले के नांगल राजावतान के कालीखाड़ गांव में 9 दिसंबर को पांच साल का मासूम आर्यन बोरवेल में जा गिर गया था। इसके बाद प्रशासन ने 57 घंटे तक उसे बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। आर्यन को बचाने के लिए प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित अन्य आपदा प्रबंधन समिति से जुड़े लोग दिन रात हर तरह की कोशिश करते रहे। इसके बाद भी आर्यन को बोरवेल से जिंदा बाहर नहीं निकाल पाए।
इस दुखद घटना के तत्काल बाद दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने तमाम एसडीओ को शिकायत दी है कि अपने आसपास संबंधित विभाग से संपर्क करते हुए जितने भी बोरवेल खुले हैं, उन्हें बोरवेल मालिकों के साथ मिलकर ढकने का काम किया जाए।
दौसा के जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव का दौसा में जिला कलेक्टर का पद ग्रहण के बाद यह तीसरा हादसा था। इसी के चलते बापी वापी के पटवारी सीताराम मीणा ने बताया कि जिला कलेक्टर के आदेश के बाद हमने तमाम इलाके में खुले बोरवेल को देखने का काम शुरू कर दिया है। जल्द से जल्द हमारे इलाके के तमाम बोरवेल ढक दिए जाएंगे।
खैर देर आए दुरुस्त आए लेकिन जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार की यह मुहिम निश्चित रूप से खुले बोरवेल, जो मौत को खुला निमंत्रण देते हैं उनसे निश्चित रूप से निजात दिलाने में कारगर साबित होंगे। बेशक जिला कलेक्टर के आदेश प्रभावी ढंग से लागू हो और उनकी मॉनीटरिंग हो।