अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों से फरार चल रहे धोखाधड़ी के आरोपी मनोज यादव को न्यायालय से गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर पहले से ही जमीन हड़पने और डकैती के कई मामले दर्ज हैं।
कोतवाली थाना हेड कांस्टेबल रोहिताश के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार उसे भनक लग गई कि पुलिस उसके पीछे है जिसके चलते उसने अलवर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जैसे ही आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर न्यायालय से पुलिस रिमांड पर ले लिया।
जानकारी के अनुसार साल 2020 में अलवर निवासी पूनम पत्नी यदुनंदन ने कोतवाली थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि परिचितों के झांसे में आकर उसने 50 लाख रुपये से अधिक की रकम गंवा दी। पुलिस जांच में मनोज यादव का नाम सामने आया। इस मामले में पुलिस पहले ही आरोपी मनोज की बेटी ऋचा और रिश्तेदार उमेश को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मनोज और पीड़िता पूनम की बहन नीलम फरार हो गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनोज यादव, पुत्र भगवान सिंह के खिलाफ बगरू थाने में तीन करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन हड़पने का मामला दर्ज है। इसके अलावा कोटा में डकैती के कई मुकदमे भी उसके खिलाफ लंबित हैं।
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले लिया है। अब उससे हड़पी गई रकम और फरार आरोपी नीलम के ठिकाने को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।