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Alwar: सरिस्का में लकड़ी माफिया का आतंक, वन विभाग की टीम पर किया हमला, बाघिन और शावकों की सुरक्षा पर खतरा

Sun, 18 Jan 2026 03:59 PM IST
अलवर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

राजस्थान के सुप्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अवैध कटाई रोकने गई वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों और लकड़ी माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि सरकारी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। चिंताजनक बात यह है कि यह घटना उस क्षेत्र में हुई, जहां बाघिन ST-22 अपने चार शावकों के साथ विचरण कर रही है।

आधी रात को हुआ हिंसक संघर्ष
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 10:30 बजे अकबरपुर रेंज के काली खोल गांव में ‘धोक’ के पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिली थी। सूचना पर रेंजर राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में 20 वनकर्मियों की टीम चार सरकारी वाहनों में मौके पर पहुंची। टीम के साथ पुलिस जाब्ता भी मौजूद था।

लकड़ी माफियाओं के हमले में वनकर्मी घायल
जब वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी से भरे एक ट्रैक्टर को जब्त करने का प्रयास किया, तभी करीब 100 से अधिक ग्रामीणों और लकड़ी माफियाओं ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमलावरों ने वन विभाग की गाड़ियों को चारों ओर से घेर लिया और उनके शीशे तोड़ दिए। इस हमले में रामवीर गुर्जर, देवेंद्र मीणा, राजपाल सिंह, विश्राम मीणा, हीरा सिंह, अंकित गुप्ता और सत्यभान चौधरी घायल हो गए।

बाघों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामवीर गुर्जर ने बताया कि घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर बाघ के पदचिह्न देखे गए हैं। इसी क्षेत्र में बाघिन ST-22 अपने चार शावकों (एक नर और तीन मादा) के साथ विचरण करती है। इसके अलावा टाइगर ST-29 की भी नियमित आवाजाही रहती है। वनकर्मियों का कहना है कि यदि समय रहते इन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

बुलडोजर कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर वन कर्मचारी संघ ने कड़ा रोष जताया है। संघ का आरोप है कि हमले में शामिल लोग वन भूमि पर अवैध कब्जा कर रह रहे हैं और वहां अवैध बिजली कनेक्शन भी ले रखे हैं। संघ ने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, वन क्षेत्र में अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर तत्काल बेदखल करने तथा संवेदनशील इलाकों में वनकर्मियों को अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

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पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने के बावजूद हमलावरों द्वारा बेखौफ होकर पत्थरबाजी किए जाने से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। वनकर्मियों ने किसी तरह मौके से जान बचाकर निकलने का प्रयास किया। अकबरपुर रेंजर राजेंद्र शर्मा ने इस संबंध में स्थानीय थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है। वहीं, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अंकुश जिंदल ने मौके का निरीक्षण कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

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