राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ उपखंड क्षेत्र के ओडेला गांव में खदान हादसे के बाद पिछले नौ दिनों से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन शनिवार को खत्म हुआ। बचाव दल ने पोकलेन मशीन ऑपरेटर रामानंद का शव मलबे और पानी के बीच से बरामद किया।
6 फरवरी को हुआ था हादसा
यह हादसा 6 फरवरी को ओडेला गांव के समीप स्थित एक लीज खदान में हुआ था। खनन कार्य के दौरान किए गए भारी विस्फोट के बाद बिहार निवासी रामानंद पोकलेन मशीन से पहाड़ के ऊपरी हिस्से पर कार्य कर रहे थे। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और करीब 50 हजार टन मलबे के साथ पोकलेन मशीन लगभग 200 फुट गहरी खाई में जा गिरी। मशीन और चालक दोनों मलबे व पानी में दब गए।
बेहद चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने राजस्थान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और गोताखोरों की टीम को मौके पर तैनात किया। रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। भारी मलबे के कारण पहले मशीन को बाहर निकालने में चार दिन लग गए, लेकिन चालक का कोई पता नहीं चल सका। ऑपरेटर की तलाश के लिए खाई में भरे पानी को बड़ी मोटरों की सहायता से निकाला गया। इसके बाद आठवें दिन से मलबा हटाने का कार्य तेज किया गया। लगातार प्रयासों के बाद शनिवार सुबह करीब 11 बजे बचाव दल ने रामानंद का शव बरामद कर लिया।
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मृतक के परिजनों और ग्रामीण रहे मौजूद
शव को पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तहसीलदार अंकित गुप्ता, सैनिक लीग तहसील अध्यक्ष मानसिंह चौधरी, पुलिस प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।