पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा द्वारा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में आज अलवर में सर्व समाज के लोगों ने एकजुटता का परिचय दिया। बड़ी संख्या में लोग जूली के कार्यालय पहुंचे और उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया। लोगों ने एक स्वर में कहा कि पूरा समाज जूली के साथ खड़ा है।
दरअसल, रामनवमी के मौके पर टीकाराम जूली शालीमार स्थित राम मंदिर में शीश नवाने पहुंचे थे। उनके मंदिर से लौटने के बाद भाजपा से निलंबित ज्ञानदेव आहूजा ने मंदिर में गंगाजल छिड़क कर उसे पवित्र करने की बात कही थी। इस बयान पर दलित समाज आक्रोशित हो गया और सड़कों पर उतर आया। पार्टी ने भी आहूजा को भाजपा से निलंबित कर दिया, लेकिन विरोध-प्रदर्शन अब भी जारी है। इसी क्रम में आज जूली के कार्यालय में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर न सिर्फ समर्थन जताया, बल्कि आहूजा की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा भी की।
पढ़ें: राजस्थान रॉयल्स तैयार जयपुर में धमाल मचाने, जोफ्रा आर्चर की प्रैक्टिस ने बढ़ाया जोश; 13 अप्रैल को मुकाबला
इस मौके पर टीकाराम जूली ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे सार्वजनिक जीवन में यह पहली बार है जब इस प्रकार की दुर्भावनापूर्ण और अमर्यादित टिप्पणी की गई है। यह टिप्पणी समाज को हिंदू, मुस्लिम और दलितों में बांटने की साजिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जूली ने सभी समाजों से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की रीति-नीति अलग-अलग हो सकती है, लेकिन लोकतंत्र में विरोध का तरीका हमेशा शांतिपूर्ण और मर्यादित होना चाहिए। लगता है भाजपा ने अब इन मूल्यों को तिलांजलि दे दी है। टीकाराम जूली ने समर्थन के लिए समाज का आभार जताया और इसे भावुक करने वाला क्षण बताया।