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Alwar News: अलवर जिले की 244 ग्राम पंचायतें जल्द ही घोषित होंगी टीबी मुक्त, 11 हजार टीबी रोगी ही शेष

Sun, 02 Mar 2025 09:28 PM IST
अलवर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों से अतवर जिले को लेकर सुखद खबर सामने आई है। पहली बार जिले की 244 ग्राम पंचायतें एक साथ टीबी मुक्त होने की ओर अग्रसर हैं। इस सम्बन्ध में जिला स्तर पर आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें टीबी मुक्त होने की दिशा अग्रसर ग्राम पंचायतों में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गयी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले एक साल में इन ग्राम पंचायतों में रोगियों के केसों की संख्या में कमी आई है। इन पंचायतों में अब एक हजार की जनसंख्या पर औसत एक टीबी मरीज रह गए हैं। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने के लिए ग्राम पंचायत में एक हजार की जनसंख्या पर एक या इससे कम टीबी मरीज होने के मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा ये ग्राम पंचायते अन्य सभी छह मानदंडों पर भी खरी उतरी हैं।

इस संबंध में विभाग द्वारा राज्य टीबी अनुभाग को रिपोर्ट भेज दी गयी है। अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद की अध्यक्षता में सत्यापन हेतु टीम गठित होगी। टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार कर जिला कलक्टर को प्रेषित कर दी जाएगी। 24 मार्च को टीबी दिवस के अवसर पर जिला कलक्टर इसका अनुमोदन कर पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर देंगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू हुई प्रधानमंत्री टीबी मुक्त ग्राम योजना के अंतर्गत अभियान बनाकर विभाग द्वारा टीबी मुक्ति हेतु प्रयास किए जा रहे हैं। पहले चरण के बाद आगामी महीनों में अन्य ग्राम पंचायतों में भी यह प्रयास किए जाएंगे।

इन प्रयासों से मिली सफलता
चिकित्सा अशिकारी ने बताया कि अभियान के लिए शिक्षकों, टीबी उपचारित रोगियों, टीबी चैंपियन, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा सहयोगिनियों और स्वास्थ्य मित्र कार्यकर्ताओं के ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के साथ ही पंचायत के टीबी रोगियों को जांच और उपचार-परामर्श सुविधाए उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आला कार्यकर्ता और टीबी कार्मिकों ने पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या पर एक साल में दो बार स्क्रीनिंग करते हुए संभावित टीवी लक्षणों वाले लोगों की पहचान की और उनको टीबी का निशुल्क ट्रीटमेंट शुरू करवाया। नियमित जांच और इलाज से यह संभव हो पाया है।

इन 6 मानकों को पूरा करने पर घोषित किया जाता है
स्वास्थ्य अधिकारी CMHO योगेंद्र शर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए निर्धारित मापदंड के लिए संदिग्ध टीबी मामलों की जांच प्रति हजार लोगों पर 30 या इससे अधिक टेस्ट होने चाहिए। उपचार सफलता की दर 85 फीसदी रोगी इलाज के बाद ठीक होने चाहिए। ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्ट के तहत 60 प्रतिशत मरीजों की हाईटेक मशीनों से जांच होनी चाहिए। 100 फीसदी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ, निक्षय मित्रः द्वारा पोषण किट वितरण, शत प्रतिशत मरीजों को सरकार द्वारा निर्धारित पोषण किट मिलना चाहिए। शेष पंचायतों को टीबी मुक्त करने के प्रयास जारी। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस तक खास अभियान चलाकर टीबी मुक्त की दिशा में काम किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन को गति देना, समुदाय में टीबी की समय पर पहचान, उपचार एवं रोकथाम को मजबूत करना है।

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