मोगा शहर में चल रहे करोड़ों रुपये के सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मोगा सिविल सोसाइटी ने आरोप लगाया है कि इस प्रोजेक्ट में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका खुलासा टेस्टिंग रिपोर्ट में हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सिविल सोसाइटी के मेंबर गोरा सूद ने बताया कि नगर निगम द्वारा गीता भवन चौक के पास सेल्फी पॉइंट, डीएम कॉलेज ऑफ एजुकेशन के पास और प्रताप रोड पर सौंदर्यीकरण कार्य शुरू किया गया था। सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने इन स्थानों से कर्ब स्टोन और इंटरलॉक टाइल्स के सैंपल लेकर 18 मई 2026 को गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज, लुधियाना की टेस्टिंग एवं कंसल्टेंसी सेल में जांच के लिए भेजे। 22 मई को आई रिपोर्ट में इंटरलॉक टाइल्स तो मानकों पर सही पाई गईं, लेकिन कर्ब स्टोन के सैंपल फेल हो गए जो कि पुराने इंटरलॉक टाइल्स को तोड़ कर इसके अंदर डाला गया। सिविल सोसाइटी का आरोप है कि कर्ब स्टोन बनाने की लागत मात्र 30–35 रुपये है, जबकि टेंडर में इसकी कीमत 300.57 रुपये के साथ जीएसटी अलग से लिया गया । उन्होंने बताया कि केवल प्रताप रोड पर ही 1960 मीटर कर्ब स्टोन लगाने के लिए लगभग 7.38 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है। सिविल सोसाइटी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में एक बड़ा नेक्सस काम कर रहा है, जिसमें राजनीतिक नेता, प्रशासन, ठेकेदार और तत्कालीन मेयर शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सदस्यों ने कहा कि यह सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि पैसे कमाने का जरिया बन चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले की शिकायत विजिलेंस और ईडी को की जाएगी, साथ ही शहर के अन्य प्रोजेक्ट्स की भी जांच करवाई जाएगी, जिसमें और बड़े खुलासे होने की संभावना है।