पंजाब में जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सेवा केंद्रों की शुरुआत अकाली दल सरकार के दौरान की गई थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार के समय कई सेवा केंद्र बंद कर दिए गए थे। वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार ने राज्य में 500 से अधिक सेवा केंद्रों को जारी रखा, जिससे लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।हालांकि, सेवा केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारी अपनी वेतन व्यवस्था को लेकर काफी नाराज हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें 8200 रुपये मासिक वेतन मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया, लेकिन लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच इस राशि में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने अब संघर्ष का रास्ता अपनाया है और आज पंजाब भर के सेवा केंद्रों में हड़ताल कर काम ठप कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सेवा केंद्रों में काम करते हुए 10 साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इतने लंबे समय के बावजूद वे केवल 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने को मजबूर हैं।कर्मचारियों ने बताया कि वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पहले भी कई बार कंपनी और संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत कराया गया, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।