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मोगा डीसी की अनोखी पहल: भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों को हर घंटे मिलेगा पानी पीने का ब्रेक

Nivedita Updated Wed, 29 Apr 2026 11:45 AM IST

पंजाब में पिछले कुछ दिनों से गर्मी लगातार अपना कहर बरपा रही है। सुबह 10 बजे के बाद ही घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। तेज धूप और बढ़ते तापमान को देखते हुए मोगा के डिप्टी कमिश्नर ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक अनोखी पहल शुरू की है। डीसी मोगा ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल समय के दौरान सभी कक्षाओं के बच्चों को हर एक घंटे के अंतराल पर पानी पीने के लिए विशेष ब्रेक दिया जाए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को गर्मी से बचाना, डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रखना और उनकी सेहत का विशेष ध्यान रखना है। प्रशासन की इस पहल की अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चों के लिए यह फैसला बेहद जरूरी और सराहनीय है। मोगा जिले में कुल 606 स्कूल हैं । स्कूल के बच्चों ने बताया कि प्रिंसिपल की ओर से उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि सभी छात्र अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें। साथ ही, हर एक घंटे बाद पानी पीने के लिए विशेष ब्रेक भी दिया जाएगा। बच्चों ने कहा कि गर्मी बहुत ज्यादा है, इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर पानी पीना बहुत जरूरी है। वहीं मोगा भीम नगर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि मोगा डिप्टी कमिश्नर द्वारा एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें जिले के सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को हर एक घंटे के अंतराल पर पानी पीने के लिए 10 मिनट का ब्रेक दिया जाए। साथ ही, सभी खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियां सुबह के समय ही करवाई जाएं, ताकि बढ़ती गर्मी का बच्चों की सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े। उन्होंने बताया कि स्कूल के सभी शिक्षकों को निर्देश दे दिए गए हैं कि बच्चों को हर घंटे के अंतराल पर पानी पीने के लिए ब्रेक जरूर दिया जाए। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने कहा है कि हीट वेव के मद्देनज़र जिले के सभी स्कूलों में हर घंटे के बाद पानी पीने के लिए अनिवार्य वॉटर ब्रेक/घंटी होगी, ताकि सभी विद्यार्थियों को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में न रहें। सुबह की प्रार्थना सभाएं, बाहरी गतिविधियां और अत्यधिक गर्मी के समय होने वाली शारीरिक गतिविधियों को कम किया जाए या दिन के ठंडे समय में आयोजित किया जाए। साथ ही, जहां संभव हो, विद्यार्थियों को सीधे धूप से बचाया जाए। स्कूलों में हर समय साफ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि स्टाफ और विद्यार्थियों के बीच गर्मी के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में आवश्यक जागरूकता पैदा की जाए। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री), डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी/एलीमेंट्री), सभी बीपीईओ और सभी निजी स्कूलों/कॉलेजों के प्रमुखों को पत्र जारी किया गया निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

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