जगरांव के गांव रसूलपुर मल्ला में पानी की सप्लाई एक सप्ताह से बंद होने के कारण ग्रामीणों ने खाली बाल्टियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण अवतार सिंह ने बताया कि पिछले सात दिनों से उनके घरों में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी की एक बाल्टी के लिए भी लोगों को घर-घर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों को पानी के लिए दूर लोगों के घरों में जाकर सबमर्सिबल पंपों से पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गांववालों ने आरोप लगाया कि कोई भी अधिकारी समस्या के बारे में स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी से पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा, मोटर खराब है या कोई और कारण है, इस बारे में कोई कुछ नहीं बताता। इस पानी संकट से सबसे अधिक परेशानी गरीब और मजदूर वर्ग को हो रही है, जिनके घरों में निजी सबमर्सिबल पंप नहीं लगे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है। पानी की कमी के कारण घरेलू कामकाज भी ठप पड़ गए हैं। पानी के बिना पीने, खाना बनाने, शौचालय का उपयोग करने, नहाने, कपड़े धोने और घर की साफ-सफाई जैसे सभी आवश्यक कार्य रुक गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शाम तक पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में अवतार सिंह तारी, हरनेक सिंह, बूटा सिंह, सुखविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष और महिलाएं शामिल थीं।