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विधायक सरबजीत मानुके ने राइस मिल पर मारा छापा, बोरियों पर पाइप लगाकर डाला जा रहा था पानी

Nivedita Updated Wed, 03 Jun 2026 08:27 AM IST

जगरांव में मंगलवार देर रात उस समय फूड सप्लाई विभाग, वेयरहाउस एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया, जब हलका विधायक सरबजीत कौर मानुके ने जीटी रोड स्थित गुरु तेग बहादुर राइस मिल में अचानक छापेमारी कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। विधायक सरबजीत कौर मानुके ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि शेलर में रखी सरकारी गेहूं की बोरियों पर पानी डालकर उनका वजन बढ़ाया जा रहा है। सूचना मिलने पर उन्होंने मार्केट कमेटी हठूर के चेयरमैन कर्मजीत सिंह के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। विधायक का दावा है कि जब वे शेलर में पहुंचे तो गेहूं की बोरियों पर पाइप के जरिए पानी डाला जा रहा था और उनके पहुंचते ही वहां मौजूद लोग पाइप छोड़कर फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को लगने वाली स्पेशल ट्रेन से गेहूं भेजे जाने से पहले उसका वजन बढ़ाने के लिए यह खेल खेला जा रहा था। विधायक मानुके ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बस स्टैंड चौकी और थाना सिटी पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। विधायक ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित गेहूं वेयरहाउस एजेंसी की ओर से शेलर में भंडारित किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी शेलर मालिक, कर्मचारी या सरकारी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने कहा कि यह गेहूं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रखा गया है, लेकिन वजन बढ़ाने के लालच में इसकी गुणवत्ता से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी लगने के बाद गेहूं खराब हो सकती है और वितरण तक पहुंचते-पहुंचते इसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। थाना सिटी के प्रभारी परमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि सरकारी गेहूं की बोरियों पर पानी डालकर उन्हें गीला किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि शेलर के मैनेजर को भी मौके पर बुलाया गया था, लेकिन वह काफी देर तक नहीं पहुंचा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस छापेमारी के बाद सरकारी गेहूं के भंडारण और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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