जालंधर के मॉडल टाउन स्थित फर्टिलिटी सेंटर में उस समय हंगामा हो गया, जब एक परिवार ने अस्पताल के डॉक्टर पर गर्भावस्था के दौरान 'लड़का होने' का दावा करने और डिलीवरी के बाद बेटी पैदा होने पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि उनका परिवार लंदन से आया था और डॉक्टर ने पहले ही बेटे के जन्म की बात कही थी। वहीं अस्पताल के डॉ. लखविंदर पाल सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी मरीज को लड़का या लड़की होने की जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि परिवार को 5 साल बाद संतान सुख मिला है, लेकिन बेटी होने के कारण वे बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं। डॉक्टर के एक सहयोगी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह परिवार से पूछते हुए दिखाई दे रहा है कि क्या किसी डॉक्टर ने लिखित या मौखिक रूप से लड़का होने की गारंटी दी थी। अस्पताल का दावा है कि परिजनों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि लड़का या लड़की होने पर कोई आपत्ति नहीं होगी। डॉक्टर ने कहा कि यदि परिवार के पास ऐसा कोई सबूत है जिसमें उन्हें बेटे के जन्म का भरोसा दिया गया हो, तो वह सार्वजनिक करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में आज भी बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता चिंता का विषय है। इसी बीच अस्पताल परिसर में डॉक्टर के कार्यालय के पीछे शराब रखे होने के आरोप भी लगाए गए। इस पर डॉ. लखविंदर ने सफाई देते हुए कहा कि वहां केवल तीन खुली शराब की बोतलें थीं और जिस पेटी की बात की जा रही है, वह खाली थी। फिलहाल पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे।