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E20 पेट्रोल पर बढ़ी बहस: जालंधर में मैकेनिकों ने गाड़ियां खराब होने का किया दावा, पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने बताई 'मिसिंग' की असल वजह

पवन कुमार Updated Wed, 15 Jul 2026 09:25 PM IST

देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां कई वाहन चालक और मैकेनिक दावा कर रहे हैं कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से बाइक और कारों के इंजन में मिसिंग, माइलेज में कमी और परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, वहीं ऑयल कंपनियों का कहना है कि एथेनॉल की बढ़ी मात्रा से वाहनों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इसी मुद्दे पर जालंधर में मैकेनिकों, वाहन चालकों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। मैकेनिक राजकुमार का कहना है कि E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से उनके पास इंजन मिसिंग और खराबी की शिकायतें पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं। उनके अनुसार पहले कई वर्षों में कभी-कभार ऐसी समस्या आती थी, लेकिन अब रोजाना 2 से 3 वाहन इसी शिकायत के साथ वर्कशॉप पहुंच रहे हैं। उनका दावा है कि E20 पेट्रोल के कारण इंजन मिसिंग, माइलेज में कमी और अन्य तकनीकी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं, जिससे ग्राहकों के साथ-साथ मैकेनिकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं मैकेनिक हरदीप सिंह ने भी कहा कि हाल के समय में कारों और दोपहिया वाहनों की एवरेज कम होने और ऑटो सेंसर से जुड़ी शिकायतें बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि नई एक्टिवा समेत कई वाहनों के फ्यूल पंप में भी समस्याएं सामने आ रही हैं। हरदीप ने एक वाहन से निकाले गए ईंधन का उदाहरण दिखाते हुए कहा कि यदि ईंधन में पानी की मिलावट हो जाए तो एथेनॉल और पेट्रोल की परतें अलग दिखाई देने लगती हैं, जिससे वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है। हालांकि पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान सुखमोहन सिंह ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण कोई नई बात नहीं है और यह काफी समय से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल हवा और पानी की नमी को तेजी से अवशोषित करता है। यदि वाहन की टंकी में किसी कारण पानी पहुंच जाता है, तो एथेनॉल और पेट्रोल अलग-अलग हो सकते हैं, जिससे इंजन में मिसिंग जैसी समस्या आ सकती है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे अपनी गाड़ी की फ्यूल टंकी में पानी या नमी जाने से बचाएं। उनका कहना है कि यदि ईंधन में पानी नहीं पहुंचे तो सामान्य परिस्थितियों में ऐसी समस्याओं की संभावना काफी कम रहती है। इस बीच E20 पेट्रोल को लेकर बहस लगातार जारी है। एक ओर कुछ मैकेनिक और वाहन मालिक इसे तकनीकी समस्याओं की वजह बता रहे हैं, जबकि दूसरी ओर तेल कंपनियां और संबंधित एजेंसियां E20 को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप ईंधन बता रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार ईंधन का उपयोग और नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है।

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