पंजाब में विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को लेकर ठेकेदारों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। ठेकेदारों का कहना है कि निर्माण सामग्री की कमी, भुगतान में देरी और सरकारी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते समस्याएं हल नहीं हुईं तो निर्धारित समय में काम पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। ठेकेदारों ने पांच प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा कि रामां रिफाइनरी से समय पर लुक (बिटुमेन) नहीं मिल रहा है। भुगतान जमा करवाने के बावजूद कई-कई दिन तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं, पंजाब में क्रशर बंद होने के कारण निर्माण सामग्री की कमी बनी हुई है। दूसरे राज्यों से सामग्री मंगवाने पर कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और दरों में स्थिरता नहीं है। ठेकेदारों ने किए गए कार्यों का बिटुमेन एस्केलेशन जारी नहीं करने और लंबित भुगतान का मामला भी उठाया। उनका कहना है कि एक तरफ भुगतान अटके हुए हैं, वहीं दूसरी ओर काम में देरी होने पर भारी जुर्माने लगाए जा रहे हैं। इससे ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, सर्दियों का मौसम नजदीक है और काम पूरा करने के लिए लगभग 20 से 25 दिन का समय बचा है। ऐसे में निर्माण सामग्री की उपलब्धता और भुगतान संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो विकास कार्यों को समय पर पूरा करना चुनौती बन जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि रिफाइनरी से बिटुमेन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, निर्माण सामग्री की कमी दूर की जाए, लंबित भुगतान जारी किए जाएं, बिटुमेन एस्केलेशन का भुगतान किया जाए और काम में देरी के कारण लगाए जा रहे जुर्मानों पर रोक लगाकर राहत दी जाए। ठेकेदारों का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से विकास कार्यों को गति मिलेगी और निर्धारित समय में पूरा करना संभव हो सकेगा।