देशभर में आज से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ शुरू हो गया। पंजाब के एकमात्र सिद्ध शक्ति पीठ मां त्रिपुरमालिनी मंदिर (श्री देवी तालाब मंदिर), जालंधर में विशेष रौनक देखने को मिली। दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दरबार में मत्था टेकने और आशीर्वाद लेने पहुंचे। मां नवदुर्गा के स्वागत में मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिरों में देखने को मिलीं। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों की गूंज से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जालंधर स्थित सिद्ध शक्ति पीठ मां त्रिपुरमालिनी मंदिर में माता सती का बायां वक्षस्थल गिरा था। यही कारण है कि इस स्थल की अपार धार्मिक महत्ता है और श्रद्धालुओं की आस्था यहां विशेष रूप से जुड़ी हुई है। चैत्र नवरात्रि सनातन हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र पर्व है, जो पूरे नौ दिनों तक मनाया जाता है। इन दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। कई श्रद्धालु नौ दिन का व्रत रखकर मां की आराधना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा और व्रत से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि पंजाब में एकमात्र सिद्ध शक्तिपीठ जालंधर का श्री देवी तालाब मंदिर ही है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां के इन नौ दिनों का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व श्रद्धा, संयम और भक्ति का प्रतीक है, जिसे हिंदू समाज पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मनाता है। नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है, जो नौ दिनों तक जारी रहेगा। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और मां के दरबार में आस्था का अद्भुत दृश्य नजर आ रहा है।