प्रताप वर्ल्ड स्कूल पठानकोट में दो दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला (पर्यावरण शिक्षा) का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए आयोजित इस सार्थक क्षमता-वर्धन कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यशाला में जिला पठानकोट के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने पूरे उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ सहभागिता की। यह कार्यक्रम पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा जिला शिक्षा विभाग पठानकोट के सहयोग से पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम (ईईपी) के अंतर्गत आयोजित किया गया। जिसे भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का समर्थन प्राप्त था। स्कूल निदेशक सन्नी महाजन, निदेशक ओशिन महाजन, प्रिंसिपल शुभ्रा रानी ने कहा कि दिन का पहला तकनीकी सत्र नगर निगम पठानकोट के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ संदीप गौतम द्वारा लिया गया। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर एक जानकारीपूर्ण कार्यशाला प्रस्तुत की, जिसमें विद्यालय और समुदाय स्तर पर कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा सतत अपशिष्ट प्रबंधन की व्यावहारिक विधियों पर प्रकाश डाला गया। दूसरी कार्यशाला जिला ईईपी समन्वयक पठानकोट संजीव शर्मा द्वारा संचालित की गई, जिसमें उन्होंने प्रतिभागियों को ईईपी पोर्टल की कार्यप्रणाली के बारे में मार्गदर्शन दिया। समापन दिवस पर जिला शिक्षा अधिकारी पठानकोट कमलदीप कौर मुख्य अतिथि तथा बलविंदर सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना की और इसमें शामिल सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की। कमलदीप कौर डीईओ ने कहा कि पर्यावरण शिक्षा जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े शिक्षक सतत विकास के दूत बनकर इन मूल्यों को कक्षाओं और समाज तक पहुंचाते हैं। पीडब्ल्यूएस के प्राचार्य एवं प्रबंधन ने इस प्रभावशाली पर्यावरण शिक्षा कार्यशाला की मेजबानी का अवसर प्रदान करने के लिए पीएससीएसटी के संयुक्त निदेशक के.एस. बाथ तथा परियोजना निदेशक मंदाकिनी ठाकुर के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। प्रमाण पत्र वितरण समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से आए सहभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।