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ममदोट में भारत-पाकिस्तान जंग 1971 के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट में वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान जंग में शहीद बीएसएफ के पहले महावीर चक्र विजेता सहायक कमांडेंट राम कृष्ण वधवा व उनके आठ साथियों का बलिदान दिवस बीओपी राजा मोहतम में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बीएसएफ के आईजी डाक्टर अतुल फुलजेले ने शहीदों की यादगार पर फूल माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा बीएसएफ के अन्य अधिकारियों ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बीएसएफ अधिकारियों ने शहीद सैनिकों के परिवारों से भी बातचीत की । अधिकारियों ने कहा कि यह दिन 31 बटालियन बीएसएफ के एसी आर. के. वाधवा की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 11 दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध के दौरान राजा मोहतम पोस्ट की रक्षा करते हुए आठ बहादुरों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया था। 10 नवंबर 1940 को जन्मे वाधवा 15 जुलाई 1968 को बीएसएफ में शामिल हुए थे। तीन दिसंबर 1971 को जब पोस्ट पर पाक सेना ने कब्जा कर लिया था, तो 31 बटालियन बीएसएफ को इसे कब्जे में लेने का काम सौंपा गया था। सात दिसंबर 1971 की सुबह, वधवा ने 9 बलूच रेजिमेंट के खिलाफ एक सफल हमले में दो प्लाटून का नेतृत्व किया, तीन घंटे की लड़ाई के बाद पोस्ट को पुनः प्राप्त किया। भारी जवाबी कार्रवाई के बावजूद वह एक बंकर से दूसरे बंकर में चले गए और अपने जवानों को अपनी जमीन पर डटे रहने के लिए प्रेरित किया। 11 दिसंबर 1971 को वह पोस्ट की रक्षा करते हुए दुश्मन की बमबारी में मारे गए। उनकी बहादुरी के सम्मान में आर. के. वाधवा, एसी को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

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