जिले में चुनाव सरगर्मियों के बीच 4 गांव ने जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इतिहास में पहली बार होगा कि पठानकोट के इतने गांव ने चुनावों का बहिष्कार किया। यह पांचों गांव हलका सुजानपुर के अधीन आते हैं और जिले के तीन विधानसभा हलकों में से एक हलके में इतनी बड़ी संख्या मतदाताओं द्वारा चुनावों का बायकॉट करने की बात कहनी सरकार के लिए बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। चुनावों के बहिष्कार के पीछे का कारण सिर्फ विकास कार्य है। अगर सरकार के मौजूदा समय में इन गांवाें की तरफ ध्यान दिया होता तो आज यह दिन ना देखना पड़ता। गांव रानीपुर झिकलां, धारकलां क्षेत्र का गांव भंगूरी, गांव मैरा और गांव गंदला लाहड़ी के लोगों ने चुनावों का बायकॉट किया है। बता दें कि जिले में अगर गुस्साए मतदाता चुनावों का बायकॉट कर देंगे तो मौजूदा सरकार को बड़ी संख्या में मतों का नुकसान देखने को मिलेगा। वहीं, अन्य पार्टियों की भी मुश्किलें बढेंगी। सता में रहने वाली सरकारों की अनदेखी का शिकार हुए लोग अब सड़कों पर उतर आए है और उन्हें मजबूरी में चुनावों का बहिष्कार करना पड़ रहा है।