माधोपुर हाइडल चैनल नहर शुरू होने से पहले ही अन्य जगह से टूटने पर लीकेज हो गई है। इससे स्थानीय लोगों में एक बार फिर सहम का माहौल बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2025 में रावी दरिया में आई बाढ़ से माधोपुर स्थित यूबीडीसी हाइडल नहर के पुलों को भारी नुकसान पहुंचा और माधोपुर से गांव बेहड़ियां बुजुर्ग जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से बह गई। पानी ओवरफ्लो होने से जेक्टर निकट से नहर को तोड़कर दोबारा पानी को रावी दरिया की तरफ मोड़ा गया था। इस नुकसान के बाद विभाग ने नहरों की रिपेयर और यूबीडीसी नहर पर किनारे और उक्त बह गई सड़क की रिपेयर लिए विभाग द्वारा दिन-रात एक करके बनाया गया। इस कार्य को पूरा करने के लिए यूबीडीसी नहर के पानी को बंद कर करोड़ों रुपये की लागत से नहर की रिपेयर की गई। सोमवार को नहर की जो रिपेयर की गई थी उसे चेक करने के लिए नहर में थोड़ा पानी छोड़ा गया। इसी दौरान नहर के बीचो-बीच जेक्टर की तरफ थोड़े से पानी के कारण ही नहर किनारे पर एक तरफ का हिस्सा टूट गया। स्थानीय लोगों मुताबिक सिंचाई विभाग ने तीन महीने पानी को बंद कर नहर के किनारों को बनाया गया था लेकिन ऐसा लगता है कि रिपेयर करने वाले ठेकेदार और विभाग के अधिकारी इस प्रति गंभीर नहीं हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि हाइडल विभाग ने सही तरीके से नहर निर्माण को चेक नहीं किया होगा। इसके चलते बार-बार नहर में बड़ी दरार आ रही है। लोगों ने इस मामले की विभाग के उच्च अधिकारियों से गहनता जांच की मांग की है। नहर बंद होने से नहर पर बने पावर हाउस भी बंद है और सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहले हो चुका है। जबकि किसान अगस्त से ही अपनी फसलों को पानी के लिए तरस रहे हैं।