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जगराओं में डीए व पुरानी पेंशन की मांग पर कर्मचारियों का प्रदर्शन

पंजाब सरकार के खिलाफ लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जगराओं, सिधवां बेट और सुधार ब्लॉक के शिक्षकों, कर्मचारियों व पेंशनरों ने सामूहिक छुट्टी लेकर जगराओं स्थित डाइट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) के सामने धरना दिया। इसके बाद रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालकर उसका दाह संस्कार किया और मांगें पूरी न होने पर संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पिछले दो महीनों में यह दूसरी बार है, जब कर्मचारियों को अपनी मांगों के समर्थन में सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। नेताओं के मुताबिक, कर्मचारियों की 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) की मांग के बावजूद सरकार ने केवल 8 प्रतिशत डीए जारी किया है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के लिए बुलाए जाने के बावजूद उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। पुरानी पेंशन और बंद भत्ते बहाल करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, 15 जनवरी 2015 और 17 जुलाई 2020 को जारी पत्रों को रद्द करने, बंद किए गए 37 प्रकार के भत्ते बहाल करने तथा एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) योजना दोबारा लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और कंप्यूटर शिक्षकों को पक्का करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। पेंशनरों ने छठे वेतन आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार 2.59 का गुणांक देने की मांग की। वहीं, सरकारी स्कूलों में काम करने वाले सफाई सेवकों और मिड-डे मील कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने पर भी जोर दिया गया। मांगें नहीं मानीं तो गांव-शहर में तेज होगा आंदोलन कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को गांव-गांव और शहर-शहर तक फैलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को सरकार की नीतियों के प्रति जागरूक किया जाएगा और आगामी विधानसभा चुनावों में भी अपनी नाराजगी जाहिर की जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने किया संबोधित धरने को लुधियाना डीटीएफ के महासचिव हरजीत सिंह, सिधवां बेट ब्लॉक डीटीएफ अध्यक्ष हरदीप सिंह रसूलपुर, परमजीत दुग्गल, अशोक भंडारी, जसवंत सिंह क्लेर, डाइट लेक्चरर हरभजन सिंह, अवतार सिंह, जस्मेल सिंह, एससीबीसी यूनियन के रणजीत सिंह हठूर, अमनदीप सिंह और अवतार सिंह हलवारा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर जोगिंदर आजाद, दविंदर सिंह सिद्धू, हरदीप सिंह, तुलसीदास, इंद्रप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, शरणजीत सिंह, अमरदीप कुमार, पवनजीत सिंह, गुर अमृत सिंह, हरप्रीत कौर, सतवीर कौर, सुरिंदर कौर और गुरदीप सिंह सुधार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी व पेंशनर मौजूद रहे।

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