पंजाब में अपराधियों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि कानून का डर सड़कों से गायब होता दिख रहा है। दिनदहाड़े गोलियां चल रही हैं, सार्वजनिक स्थलों पर कत्ल हो रहे हैं और गैंगवार खुलेआम चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं। आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पुलिस ने ‘गैंगस्टर पर वार’ और ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ जैसे अभियान जरूर शुरू किए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि गोलियों की आवाज थम नहीं रही और कानून व्यवस्था कठघरे में खड़ी नजर आ रही है।बीते कुछ दिनों की घटनाएं हालात की गंभीरता बयान करती हैं। जालंधर के मॉडल टाउन में गुरुद्वारे के बाहर आप नेता लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। तरनतारन में लॉ कॉलेज के छात्र ने एकतरफा प्यार में सहपाठी की गोली मारकर हत्या कर खुद भी जान दे दी। बठिंडा में लाल सूटकेस में युवती का शव मिला। फरीदकोट और नाभा में आपसी रंजिश व पारिवारिक विवाद में हत्याएं हुईं। गढ़शंकर में बुजुर्ग महिला को गोलियों से भून दिया गया, जबकि नाभा में एक पुलिस मुलाजिम पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। पंजाब की पाकिस्तान से लगती 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिए हथियारों और नशे की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने वर्ष 2025 में पश्चिमी कमान के तहत 380 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 200 से ज्यादा हथियार, 278 ड्रोन जब्त किए और 53 पाकिस्तानी घुसपैठियों/तस्करों को गिरफ्तार किया। एके-47, एके-56, विदेशी राइफलें और आरडीएक्स की बरामदगी बढ़ना भी चिंता का विषय है।