दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में रहने वाले डॉ. रईस भट्ट को एनआईए की तरफ से बीते कल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था और आज उनको एजेंसियों ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है। पठानकोट में द व्हाइट मेडिकल पहुंच डॉ. रईस अहमद भट्ट (एमबीबीएस, एमएस, एफएमजी और सर्जरी के प्रोफेसर) ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। अब तक जांच एजेंसियां तीन हजार के करीब कश्मिरियों को हिरासत में ले चुकी है जो आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में थे। डॉ. रईस अहमद भट्ट ने कहा कि पठानकोट आने से पहले वह दिल्ली के हमदर्द नेशनल इंस्टीट्यूट में हेड ऑफ यूनिट और वार्डन काम कर चुके हैं और उससे पहले अल फलाह यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर रहे हैं। जबकि दिल्ली जाने से पहले 2022 में अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ दी। उन्होंने कहा मेरी यूनिवर्सिटी छोड़ने से पहले ब्लास्ट में शामिल लोग यूनिवर्सिटी आए। जिनमें से एक इमरजेंसी में तो दूसरा फिजिशियन रहा। मरीजों के आने-जाने के बाद उक्त लोगों के साथ मेरा मेल-मिलाप बढ़ा।